सऊदी अरब के दार-उल-हकूमत रियाद और मशरिकी मुतास्सिर
रियाज : सऊदी अरब में रेतीला तूफान कल मंगल को दार-उल-हकूमत रियाज और ममलकत के मशरिकी इलाकों से टकराया। टनों मिट्टी के साथ आने वाला ये तूफान गर्द-ओ-गुबार की शक्ल में दार-उल-हकूमत रियाज की शुमाली गवर्नरियों तक पहुंच गया। आने वाले घंटों में तूफान के आगे बढ़ने के इमकान हैं। गुर्दो गुबार का तूफान इराक के सहराओं से उठा जो कुवैत से गुजर कर हफर अलबातन और उलार ताव पहुंचा। सऊदी दार-उल-हकूमत रियाज से टकराने वाले इस तूफान ने वसती और मशरिकी इलाके की गवर्नरियों को भी मुतास्सिर किया और हद्द-ए-निगाह को महदूद कर दिया। सांस के आरिजे के शिकार अफराद के लिए ये तूफान मजीद मसाइल पैदा कर सकता है। ममलकत में आने वाले गर्दो गुबार के तूफान पर सऊदी अरब की वजारत-ए-सेहत ने दमा के मरीजों, बच्चों, बूढ़ों और दिल के मरीजों को मुतअद्दिद खितों में गुर्दो गुबार की मौजूदा लहर से खबरदार किया। वजारत-ए-सेहत ने सांस के मसाइल से बचने जरूरी एहतियाती तदाबीर पर अमल करने की जरूरत पर-जोर दिया। टवीटर अकाउंट पर एक वीडीयो में वजारत-ए-सेहत ने गुबार की लहरों के बारे में शहरी दिफा और मौसमियाती रहनुमा खुतूत पर अमल करने, रेत के तूफान के दौरान बाहर जाने से गुरेज करने, वेंटीलेशन के अच्छे आलात वाली जगहों पर रहने और ऐसे जराइआ को बंद करने की सिफारिश की है जहां से हवा निकल सकती है। सऊदी अरब की कसीम यूनीवर्सिटी में माहिर मौसमियात डाक्टर अब्दुल्लाह अल मसंद ने वजाहत करते हुए कहा कि मशरिकी इलाके और रियाज में सफेद गर्दो गुबार के दौरान शहरी एहतियाती तदाबीर इखतियार करें और चेहरे को ढांप कर रखें।
