लंदन : यूक्रेनी जंग की वजह से दुनियाभर और खुसूसन बर्रे आजम (महाद्वी) यूरोप रिकार्ड इफरात-ए-जर (मुद्रा स्फीति) का शिकार है। इस तनाजुर (संदर्भ) में तवानाई और खुराक की कीमतें गुजश्ता दस साल की बुलंद तरीन सतह पर पहुंच चुकी हैं।
यूक्रेनी जंग के मनफी (नकारात्मक) असरात अक़्वामे आलम की मईशतों पर आए रोज गहरे होते जा रहे हैं। इफरात-ए-जर में बे-तहाशा इजाफे़ के बाद अब अश्या-ए-खूर-ओ-नोश (खाद्य और पेय) की मंडीयों और तेल के साथ साथ कारसाजी और तामीरात के शोबों में भी कीमतों में हैरत-अंगेज इजाफा हो रहा है। इमकान जाहिर किया गया है कि रवां बरस सत्ताईस रुकनी योरपी यूनीयन को मजमूई तौर पर सात फीसद से जाइद इफरात-ए-जर का सामना होगा।
इसके अलावा योरपी ममालिक की सालाना शरह् पैदावार भी सुस्त रवी का शिकार हो चुकी है। पहले ही चंद योरपी ममालिक इत्तिहाद में शामिल दीगर मुल्कों की निसबत ज्यादा इफरात-ए-जर का शिकार हैं। इन ममालिक में चैक जमहूरीया में इफरात-ए-जर की शरह चौदह फीसद, पोलैंड में बारह फीसद और यूनान में ग्यारह फीसद के करीब है। मुख़्तलिफ योरपी ममालिक में मछेरों और किसानों ने मजमूई महंगाई के तनाजुर में अपनी पैदावार में इजाफा कर दिया है। दूसरी जानिब पेट्रोल की कीमतों में होशरुबा इजाफे़ की वजह से माल बर्दार रेल गाड़ीयों (गुड्स ट्रेनों) और ट्रकों की नक़्ल-ए-हरकत (आवाजाही) में भी कमी आई है। खुराक की कीमतों में इजाफे़ की वजह से रोजमर्रा इस्तिमाल के लिए ब्रेड की मुख़्तलिफ इकसाम भी महंगी हो चुकी हैं और खासतौर पर पोलैंड से बलजीम तक अश्या-ए-खुर्द-ओ-नोश की दूकानों पर ब्रेड महंगे दामों में फरोखत की जा रही है। पोलैंड में खाने पीने की इश्याय की कीमतों में डेढ़ सौ फीसद तक इजाफा हो चुका है। अश्या-ए-खुर्द-ओ-नोश के एक स्टोर पर काम करने वाली खातून अलीना सजीनेक का कहना है पहले हालात में कुछ बेहतरी की उम्मीद थी लेकिन अब दूर दूर तक रोशनी दिखाई नहीं दे रही। बाअज योरपी हुकूमतों ने टैक्सों की मद में कमी लाने के साथ साथ आम लोगों की इमदाद के इशारे भी दिए हैं।
