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कैरीयर की रुकावटों ने मुझे जहनी तौर पर मजबूत बनाया : निकहत


नई दिल्ली :
आलमी चैम्पियन बॉक्सर निकहत जरीन का कहना है कि अपने कैरियर में मुश्किल हालात का सामना करने ने उन्हें जहनी तौर पर मजबूत बनाया, क्योंकि उसने खुद को बताया कि जो भी हो, मुझे लड़ना है और अपना बेहतरीन देना है। निकहत ने जुमेरात को इस्तांबूल में वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में थाईलैंड की जीतपूंग जोटामास को 5.0 से शिकस्त देकर फ़्लाई वेट 52 किलोग्राम जुमरे में तिलाई तमगा जीतने के लिए अपनी शानदार दौड़ जारी रखी। जरीन ने बाद में नामा निगारों को बताया कि इन दो सालों में मैंने सिर्फ अपने खेल पर तवज्जा मर्कूज की और अपने खेल में जो भी खामियाँ थीं, उसे दूर करने की कोशिश की, मैंने अपने कमजोर पहलुओं पर काम किया। 


जरीन ने कहा कि मैंने अपने कैरियर में जिन रुकावटों का सामना किया है, उसने मुझे मजबूत बनाया है। मैं इस सब के बाद जहनी तौर पर मजबूत हो गई हूँ। जरीन ने इस सुनहरी कामयाबी से दो साल कब्ल उस वक़्त के वजीर-ए-खेल किरण रिजीजू को एक खत लिखा था, जिसमें ओलम्पिक क्वालीफायर के लिए मुंसिफाना ट्रायल पर जोर दिया गया था। जिसकी वजह से जरीन को सोशल मीडीया पर ट्रोल भी किया गया, जबकि एमसी मेरी कौम ने सख़्त अलफाज में सवाल किया कि कौन निकहत जरीन, इसके बाद जरीन ट्रायल्ज में मेरी कौम से हार गईं, जिसकी वजह से वो टोकीयो गेम्ज में जगह नहीं बना सकीं। इस से कब्ल 2011 की जूनीयर वर्ल्ड चैम्पियन जरीन भी कंधे की इंजूरी का शिकार हुईं जिसके बाइस वो एक साल तक खेल से बाहर रहीं और 2018 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्ज, एशीयन गेम्ज और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में शिरकत नहीं कर सकीं। जरीन का कहना था कि मैं 2017 में कंधे की इंजूरी का शिकार हुई जिसके लिए मुझे आॅप्रेशन करना पड़ा और में एक साल तक मुकाबला करने के काबिल नहीं रही। जरीन निकहत अब कॉमनवेल्थ गेम्ज के ट्रायल्ज की तैयारी करेंगी जिसके लिए उन्हें अपना वजन 50 किलो तक कम करना होगा। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्ज में 50 किलोग्राम की कैटेगरी है, मैं अभी उस की तैयारी करूँगी 25 साला बॉक्सर का ताल्लुक तेलंगाना से है।


दिफाई चैंपियन भारत एशिया कप हाकी के लिए रवाना

बंग्लूरू : ओलम्पिक कांसी का तमगा जीतने वाले बीरेंद्र लाकरा की कयादत में हिन्दुस्तानी मर्दों की हाकी टीम जुमा को अपने एशिया कप टाइटल का दिफा करने के लिए जकार्ता रवाना हो गई है। पूल ए में भारत का मुकाबला जापान, पाकिस्तान और मेजबान इंडोनेशिया से होगा जबकि पूल बी में मलाईशीया, कोरिया, ओमान और बंगलादेश है। भारत पीर को पाकिस्तान के खिलाफ अपनी मुहिम का आगाज करेगा। लाकरा ने हाकी इंडिया के प्रेस रीलीज में कहा कि ये टीम यकीनी तौर पर पुरजोश है। एशिया कप एक बहुत ही बावकार टूर्नार्मेंंट है और जैसा कि हमारे कुछ खिलाड़ी पहली बार इस टूर्नार्मेंट का हिस्सा बन रहे हैं, इसलिए ये फितरी बात है कि टीम में काफी जोश-ओ-खरोश है। स्पोर्टस अथार्टी आफ इंडिया के बैंगलौर सेंटर में हमारा कैंप बहुत मुश्किल और बहुत फाइदामंद भी था। हमें हर खिलाड़ी की खूबीयों के बारे में मालूम हुआ और हमने मैदान में अपनी बातचीत को भी बेहतर किया। कोच ने भी हमारी फिटनैस पर बहुत जोर दिया। टीम के इमकानात पर उन्होंने कहा कि हम एक वक़्त में एक मैच पर तवज्जो मर्कूज करना चाहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच से पहले हम यकीनन बहुत नर्वस होंगे लेकिन हम अपने खेल पर तवज्जा मर्कूज रखेंगे। टीम ने 2017 में बंगला देश के ढाका में मुनाकिदा आखिरी मरहले में मलाईशीया को फाईनल में शिकस्त देकर टाइटल जीता था।



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