लखनऊ : जिस वक़्त मुल्क में मुख़्तलिफ मसाजिद के नाम पर तनाजे पैदा किए जा रहे हैं, ऐसे में यह खबर काफी राहतबख्श साबित हो सकती है कि अयोध्या में तामीर हो रही मस्जिद कांप्लेक्स के लिए आॅनलाइन माली अतयात देने वालों में 70 फीसद गैर मुस्लिम हैं।
हालांकि ये भी हकीकत है कि अभी बाबरी मस्जिद केस के फैसले के साथ सुप्रीमकोर्ट ने मुतबादिल मुकाम पर मुजव्वजा (प्रस्तावित) मस्जिद के लिए जो पाँच एकड़ जमीन अलाट की थी, वो अब भी तकनीकी या मुख़्तलिफ कागजी मरहलों से ही गुजर रही है। इस बात का इन्किशाफ उतर प्रदेश हुकूमत और रियासती सुन्नी सेंट्रल वक़्फ बोर्ड के जरीया तशकीलशुदा ट्रस्ट इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सेक्रेटरी और तर्जुमान (प्रवक्ता) अतहर हुसैन ने मीडीया से बात करते हुए किया। अतहर हुसैन ने कहा कि मुजव्वजा अयोध्या मस्जिद के पोर्टल पर अतयात की सहूलत भी है और हमें हैरत है कि इस में 70 फीसद अतयात गैर मुस्लिमों के हैं जो एक हौसला बख्श अलामत है। बल्कि मुल्क को एक खूबसूरत पैगाम दे रहा है। दिलचस्प बात ये है कि उन्हें अतयात से कोरोना के दौर में दो एम्बूलेंस खरीदी गईं, जिनके लिए साज सामान लिया गया, बाकायदा स्टाफ रखा गया। जिनका कोरोना के दौरान इन्सानी खिदमत के लिए भरपूर इस्तिमाल हुआ।
अतहर हुसैन कहते हैं कि अव्वल तो कोरोना की लहर और फिर एक ट्रस्टी अफजल खान के इंतिकाल के सबब भी काम सुस्त पड़ा था, मगर एक बार दस्तावेजी खाना-पुरी मुकम्मल हो जाएगी तो फिर इस पर काम तेजी के साथ शुरू होगा। याद रहे कि पिछले साल जिÞला अयोध्या के धनीपूर में मुजव्वजा मंसूबे के नक़्शे की ड्राइंग अयोध्या डेवलपमेंट अथार्टी को पेश किया जा चुका है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के जेर निगरानी 5 एकड़ अराजी पर एक मस्जिद और दीगर सहूलयात तैयार की जाएँगी। वाजेह हो कि मुजव्वजा मस्जिद का मुकाम शहर अजोध्या से तकरीबन छत्तीस किलोमीटर दूर है। अतहर हुसैन ने मजीद बताया कि अब धनीपूर का इलाका अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरीटी के दायरे में आ गया है, जिसके सबब तामीरी काम शुरू होने से कब्ल दस्तावेजाती मरहला चल रहा है। उन्होंने कहा कि चूँकि अब धनीपूर अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरीटी के तहत आगया है इसलिए उस के डेवलपमेंट चार्जेज की जानकारी के बाद ही मजीद कागजी कार्रवाई की जाएगी।
