शाह सलमान ने कुरान-ए-पाक की खत्ताती के आलमी मुकाबलों की मंजूरी दी
शुरू में 8 मिलियन नुस्खे़ शाइआ किए जाते थे
कुरान-ए-पाक की छपाई में आला कागज इस्तिमाल किया जाता है
तकरीबन 80 जबानों में कुरान-ए-पाक के मआनी के तर्जुमें भी शाइआ किए जाते हैं
रियाद : सऊदी अरब के फरमांरवा खादिम हरमैन शरीफैन शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज ने कुरान-ए-पाक की खत्ताती के बैन-उल-अकवामी मुकाबलों (अंतरराष्टÑीय सुलेख प्रतियोगिता) की मंजूरी दे दी। सरकारी खबररसां एजेंसी एसपीए के मुताबिक मुकाबला आइन्दा शाबान में मुनाकिद किया जाएगा। उसका एहतिमाम किंग फहद काम्पलैक्स बराए इशाअत कुरआन मदीना मुनव्वरा की जानिब से वजारत इस्लामी उमूर-ओ-दावत-ओ-रहनुमाई की निगरानी में होगा। सऊदी वजीर इस्लामी उमूर डाक्टर अब्दुल लतीफ अल शेख ने जो किंग फहद कुरआन काम्पलैक्स बराए इशाअत कुरआन के सरबराह आला भी हैं, कहा कि मुकाबले का मकसद माहिर खुशनवीसों को कुरआन-ए-करीम की किताबत में मुनफर्द हुनर के मुजाहिरे का मौका फराहम करना है। कुरआन-ए-करीम की खत्ताती का मुसाबका बानी ममलकत शाह अब्दुल अजीज से मंसूब होगा। वजारत इस्लामी उमूर ने कहा कि जो खत्तात कुरआन-ए-करीम की किताबत के मुसाबके में हिस्सा लेना चाहते हैं, वो किंग फहद काम्पलैक्स वेबसाइट पर मौजूद फार्म पुर करके रवाना करें। याद रहे कि किंग फहद काम्पलैक्स बराए इशाअत कुरआन सालाना कुरान-ए-पाक के 20 मिलियन नुस्खे़ शाइआ कर रहा है। शुरू में 8 मिलियन नुस्खे़ शाइआ किए जाते थे। कुरान-ए-पाक की छपाई में आला कागज इस्तिमाल किया जाता है, किंग फहद काम्पलैक्स तकरीबन 80 जबानों में कुरान-ए-पाक के मआनी के तर्जुमें भी शाइआ कर रहा है।
