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मंहगाई का इतिहास रच रही भाजपा : रिजवी

रायपुर। मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद भाजपा ने देशवासियों को मंहगाई के रूप में रिटर्न गिफ्ट दिया है। यह भाजपा की सोची समझी साजिश की ओर इंगित करता है तथा भाजपा देश के बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा कर अपना अघोषित कोषाध्यक्ष के रूप में आगामी चुनावों में उनसे हर तरह का लाभ अर्जित करना चाहती है। 

रिजवी ने कहा कि मंहगाई से त्रस्त देश की जनता का ध्यान भटकाने मंदिर मस्जिद के भावनात्मक मुद्दों को उछाल कर अपना स्वार्थ सिद्धि का फामूर्ला जनता को परोसने में भाजपा माहिर है। उन्होंने कहा कि यह आम चर्चा है कि उत्तर प्रदेश सहित पांचों राज्यों में भाजपा की जीत में ईवीएम सहित ओवैसी एवं मायावती ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका एक साजिश के तहत निभाई है। एमआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने सभी सौ सीटों पर जमानत जप्त करवाकर भाजपा की बी टीम होने के आरोप को अमलीजामा पहना दिया है। रिजवी ने आसन्न गुजरात एवं कर्नाटक चुनाव के पूर्व अल्पसंख्यक एवं दलितों को आगाह किया है कि एमआईएमआईएम के ओवैसी तथा बसपा प्रमुख मायावती के मंसूबो से भाजपा को लाभ पहुंचाने की मंशा से बचें।



यूपी चुनाव में धांधली उजागर करने पर पत्रकार की गिरफ्तारी पर प्रेस खामोश क्यों? : रिजवी

रायपुर। मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने उत्तर प्रदेश में आगरा के पत्रकार गौरव बंसल द्वारा सम्पन्न विधानसभा चुनाव में धांधली का खुलासा करने पर पत्रकार की गिरफतारी को संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात निरुपित किया है। उन्होंने कहा, ऐसा आभास होता है कि गौरव बंसल ने भाजपा की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। घटना से यह भी साबित होता है कि पत्रकार ने भाजपा की यूपी में सफलता को संदेह के दायरे में ला दिया है। 

रिजवी ने कहा कि पत्रकार की गिरफ्तारी का प्रमुख कारण सम्पन्न चुनाव में कथित तौर पर भारी अनियमितताओं का खुलासा करना है, जिसके फलस्वरूप उनके विरूद्ध गैर जरूरी धाराएं लगाकर गिरफ्तार किया गया है, जो सत्ता के दुरूपयोग का ज्वलंत उदाहरण है। एडिटर्स गिल्ड आफ इंडिया ने विरोध दर्ज करते हुए पत्रकार बंसल को रिहा करने की मांग की है। इस अमानवीय एवं अवैधानिक गिरफ्तारी पर प्रेस क्लब आफ इंडिया सहित समस्त पत्रकारिता जगत को पूरे भारत वर्ष में विरोध दर्ज करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी अवैधानिक हरकत की पुनरावृत्ति सत्ता पक्ष द्वारा न होने पाए। 

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