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अनासागर ­ाील में फिर मिली एक लाश


मोहम्मद हासम अली : अजमेर
 

अजमेर शरीफ की तारीखी आना सागर झील में जुमेरात को फिर एक बुजुर्ग की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मामले की इत्तेला मिलने पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सिविल डिफेंस को मौके पर बुलाया गया। सिविल डिफेंस की मदद से झील में रेस्क्यू कर बुजुर्ग लाश बाहर निकाल कर अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। 

क्रिश्चियन गंज थाने के इंचार्ज मोइनुद्दीन ने बताया कि थाने पर आना सागर झील में लाश मिलने की इत्तेला मिली थी। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान बुजुर्ग की जेब से पर्ची बरामद हुई। जिसमें उसका नाम किशनचंद लिखा मिला और उसकी बीवी का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। पुलिस ने पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर से राबता किया तो बुजुर्ग की शिनाख्त दाता नगर जटिया हिल्स के रहने वाले किशनचंद मंगतानी (70) के तौर पर हुई। पुलिस ने बुजुर्ग की जेब से मिले मोबाईल नंबर पर काल कर हादसे की इत्तेला दी। जिसके बाद बुजुर्ग की पत्नी रेखा मंगतानी और बेटी अर्चना मंगतानी के साथ पड़ोसी मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है मृतक किशनचंद मंगतानी का इकलौता बेटा दुबई में जॉब करता है। बेटे को इत्तेला दे दी गई है। उसके यहां पहुंचने पर पोस्टमार्टम  कराया जाएगा। 

गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले भी आनासागर झील में 63 साला एक बुजुर्ग की लाश मिली थी। बुजुर्ग धानमंडी निवासी लक्ष्मण दास मेघानी (63) के भी ­ाील में डूबने की वजह का पता नहीं चल पाया है। 



तीर्थ नगरी पुष्कर में दर्दनाक हादसा, पवित्र सरोवर में डूबने से नौजवान की दर्दनाक मौत

दादा-दादी की अस्थी विसर्जन करने आया था 

तीर्थ नगरी पुष्कर में मंगल की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील के रतनपुरा के रहने वाले कैलाश चंद शर्मा अपने घर वालों के साथ अपने माता-पिता की अस्थियां लेकर हरिद्वार पहुंचे थे। उसी दौरान घाट पर नहाने समय उनका बेटा शांतिलाल शर्मा 30 वर्ष, सरोवर में डूबने लगा। उसे देख घरवालों ने शोर मचाना शुरू किया। शोर सुनकर मौके पर मौजूद गोताखोर मोहन मुखिया, रामावतार पाराशर, पूनमचंद पाराशर और किशन पाराशर सहित कई गोताखोर वहां पहुंच गए लेकिन इससे पहले कि वे शांतिलाल को बचा पाते पानी मे डूबने से उकसी मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मित्र टीम के इंचार्ज अमित भट्ट, सावरा शर्मा, राजेंद्र  बच्चानी, नरेंद्र पाठक, दिनेश पाराशर, सिविल डिफेंस के किशन लाल जाट, गोताखोर राहुल पाराशर व पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नौजवान की लाश सरोवर से निकाली गई। नौजवान की लाश देखकर घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। नौजवान के वालिद और बहन बेहोश होकर गिर पड़े। पुरोहित पूनमचंद पाराशर ने बताया कि वे नौजवान के घरवालों को पूजा करवा रहे थे। उसी दौरान घर वालों के मना करने के बाद भी शांतिलाल गहरे पानी की तरफ चला गया। पानी में जाते समय उसने कहा था, उसे तैरना आता है। लेकिन वह तैरना नहीं जानता था। मुकामी पुरोहितों ने बताया कि वे बाहर से आने वालों को गहरे पानी में जाने से रोकते हैँ लेकिन लोग नहीं मानते। 

जानकारी के मुताबिक कैलाश चंद शर्मा की मां का एक साल कब्ल निधन हो गया था लेकिन कोरोना महामारी के कारण वे अस्थियां विसर्जन नहीं कर पाए थे। उसी दौरान उनके पिता का भी निधन हो गया। जिसके बाद कैलाश चंद अपने माता-पिता दोनों की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जन करके पुष्कर अस्थियां लेकर पहुंचे थे जहां यह हादसा हो गया। उनके साथ उनकी बहन, छोटा भाई, भतीजा और मृतक शांतिलाल भी साथ में था।


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