मक्का मुकर्रमा: मस्जिदे नबवी के सहन में बिछी सुर्ख कालीनों को बदल दिया गया है। कालीनों की तबदीली का मकसद जाइरीन और नमाजियों को मुकम्मल राहत और आराम पहुंचाना है। मुकामी तौर पर 12 हजार सब्ज कालीन तैयार किए गए हैं। धागे की मोटाई 14 मिलीमीटर' और कालीन की मोटाई 16 मिलीमीटर है। हर मुरब्बा मीटर के अंदर 5;46;75 लाख गिरहें हैं। हरमैन शरीफैन की इंतेजामिया ने मस्जिद नबवी के सेहनों में बिछे सुर्ख़ कालीनों को नए सब्ज कालीनों से तबदील कर दिया है। इस मौका पर हरमैन शरीफैन के उमूर के निगराँ-ए-आला डाक्टर अबदुर्रहमान अल सदीस भी मौजूद थे। मस्जिद नबवी के सेहनों के लिए मुकामी तौर पर 12 हजार सब्ज कालीन तैयार किए गए हैं। इन कालीनों की तैयारी इंतिहाई बारीकबीनी के साथ खास शराइत की रोशनी में अमल में आई है। इसका मकसद जाइरीन और नमाजियों को मुकम्मल राहत और आराम पहुंचाना है। इन कालीनों को आला तरीन मयार पर तैयार किया गया है ताकि ये निहायत पायदार रहें और बार-बार धुलाई के सबब उनका रंग मुतास्सिर ना हो। वाजिह रहे कि हर कालीन में एक चिप भी नसब की गई है। इसकी रीडिंग (82707368;) के जरीये होती है। चिप के जरीये हर कालीन को एक बर्की निजाम से मरबूत किया गया है। ये निजाम कालीन की तैयारी के वक़्त से इसके मुताल्लिक मालूमात महफूज रखेगा। मालूमात में कालीन का इस्तिमाल, उसकी जगह और धुलाई की तारीख शामिल होगी। कालीन के बार कोड के जरीये हर कालीन की शनाख़्त बहुत आसानी से हो सकेगी। कालीन के लिए खालिस एक्रेलिक धागे के औसत वजन का अंदाजा 4000 ग्राम फी मुरब्बा मीटर लगाया गया है।
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