अजमेर : मलयालम में अपनी तरह का पहला अजमेर जिÞयारत गाइड का चिश्ती मंजिल सूफी खानकाह में मुनअक्किद एक सादी तकरीब में चिश्तिया फाउंडेशन के सदर सैयद सलमान चिश्ती ने इजरा किया। इस मौके पर सैयद सलमान चिश्ती ने कहा कि देशभर से अजमेर शरीफ की जियारत के लिए आने वालों के लिए यह गाईड यकीनन बेहतर साबित होगी। एक मलयालम हैंडबुक जिसकी मंसूबा मरहूम कुतुबुज्जमां शेख सूफी मुहम्मद यूसुफ सुल्तान और शेख मोहम्मद बावा उस्ताद ने बनाया था, उनके शागिर्द पत्रकार और सूफी लेखक पीसी अब्दुल जलील महबूबी ने इसे अमलीजामा पहनाया है। तकरीब में सुल्तानिया फाउंडेशन और सूफी अकादमी कोझीकोड का डेलीगेट मौजूद था। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ थॉट एंड चिश्तिया फाउंडेशन की मदद से सैयद सलमान चिश्ती के साथ एक बड़ा सूफी तालीमी प्रोग्राम भी तैयार किया जा रहा है। साहिर गजाली बंगलौर, जैनुल नियास गजाली वायनाड, हसीब अब्दुल लतीफ शारजाह, निसार ईके कालीकट, शाहीन सुल्तानी, अकबर सुल्तानी, मोहम्मद जुरैज कालीकट शामिल थे।
000