दुबई। आईएनएस, इंडिया
सऊदी अरब के फरमांरवा खादिम हरमैन शरीफैन शाह सलमान बिन अबदुल् ाअजीज से अमरीकी सदर जो बाईडन ने टेलीफोन पर राबिता किया है। जराइआ के मुताबिक राबते के दौरान ममलकत में शहरी एहदाफ के खिलाफ ईरान के हिमायत याफताह की कार्यवाईयों समेत इलाकाई पेश-रफ़्त पर तबादला-ए-ख़्याल किया गया है। दोनों रहनुमाओं ने तआवुन मजबूत बनाने और खित्ते में इस्तिहकाम के हुसूल की जरूरत पर भी बातचीत की। अमरीकी सदर ने कहा कि 'ममलकत और अमरीका के स्ट्राटेजक तारीखी ताल्लुकात मजबूत हैं। उन्होंने दोनों मुल्कों के दरमयान शराकत के इस्तिहकाम को दोनों के मुफादात के हुसूल और खित्ते नीज आलमी अमन के लिए बेहद अहम करार दिया। शाह सलमान ने कहा कि 'दहशतगर्दी और इसकी फंडिंग के इंसिदाद के सिलसिले में मुशतर्का स्कियोरटी तआवुन को मजबूत बनाना और बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने सऊदी सरहदों के दिफा और शहरियों के तहफ़्फुज के सिलसिले में ममलकत की मदद से मुताल्लिक अह्द की पाबंदी को सराहा। उन्होंने ममलकत के साथ खड़े रहने और सऊदी अरब के अमन और खित्ते के अमन-ओ-इस्तिहकाम के तहफ़्फुज के हवाले से मुशतर्का कोशिशों की तकवियत के लिए दिफाई जरूरीयात मुहय्या करने से मुताल्लिक अमरीकी मौकिफ की भी सताइश की। शाह सलमान बिन अबदुल अजीज ने मजीद कहा कि 'सऊदी अरब, ईरान को ऐटमी ताकत बनने से रोकने के लिए अमरीका की कोशिशों के साथ है। खित्ते में ईरान नवाज अनासिर की तखरीबी सरगर्मियों से निमटने के लिए मुशतर्का जद्दो-जहद जरूरी है। सऊदी फरमांरवा ने इस बात पर जोर दिया कि 'ममलकत खित्ते में कशीदगी पैदा करने वाले तमाम अस्बाब के अजाले और मुकालमा जारी रखने का खाहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब यमन में जामा सियासी हल तक रसाई का खाहिशमंद है और यमनी अवाम की तरक़्की और अमन-ओ-सलामती के लिए कोशां है। 'सऊदी अरब, यमन की ताअमीर-ए-नौ और यमनी अवाम के लिए इन्सानियत नवाज इमदाद की फराहमी जारी रखेगा।
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