टोंक : आईएनएस, इंडिया
रियासत राजिस्थान के टोंक में मजहबी इत्तिहाद की एक मुनफरद (अलग) मिसाल सामने आई, जब पैगंबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम की सीरत पर होने वाले क्विज में वैदिक रिसर्च इंस्टीटियूट ने ना सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि जीत भी हासिल की।
वैदिक रिसर्च इंस्टीटियूट के तलबा ने पैगंबर इस्लाम सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम की सीरत पर क्विज के मुख़्तलिफ सवालात के जवाबात उम्दगी के साथ देकर सामईन को हैरत में डाल दिया। क्विज के मुताल्लिक मेहमानों ने कहा, इस तरह के प्रोग्राम बार-बार मुनाकिद किया जाना चाहिए ताकि एक मजहब वाले दूसरे मजाहिब के बारे में जान सकें। पैगंबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के यौम-ए-पैदाइश और निर्वान दिवस के तहत मुख़्तलिफ प्रोग्राम जारी है। रियासत राजिस्थान के शहर टोंक में मुनीर खान मस्जिद के करीब एक निजी स्कूल में बच्चों के लिए क्विज समेत मुख़्तलिफ सकाफी (सांस्कृतिक) प्रोग्राम का इनइकाद (आयोजन) किया गया। प्रोग्राम में ब्रह्मा कुमारी इश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र की डायरेक्टर ब्रह्मा कुमारी अपर्णा दीदी ने कहा कि हिन्दोस्तान को बेहतर बनाने के लिए ना सिर्फ कहने के लिए बल्कि मुत्तहिद होने की जरूरत है बल्कि हिंदू-मुस्लमानों को भी मुत्तहिद करना होगा। भीम सेना के जिÞला सदर अशोक बैरवा ने कहा कि मुल्क में कोरोना के दौर में सतयुग की झलक थी और इस दौरान हर कोई एक-दूसरे की खिदमत करता नजर आया था। प्रोग्राम को तंजीम वर्क के तर्जुमान सय्यद असगर अली, पण्डित पवन सागर, सुरेश बुन्देल, देवेंद्र जोशी, मौलवी आमिर सिद्दीकी वगैरह ने भी खिताब किया। इस मौका पर वैदिक रिसर्च इंस्टीटियूट की स्कूल टीम के छोटे तलबा ने न सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि वो टीम फातिह भी रही। युसरा सिद्दीकी और हुदा तरन्नुम ने हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की जिंदगी पर तकरीर की। आखिर में जीतने वालों समेत तमाम शुरका को मोमेंटो और सर्टीफिकेटस से नवाजा गया। इस मौका पर मौलवी आरिफ खान, हिदायत रसूल, अमृत लाल, महवश, हिना कौसर रिजवी, तबस्सुम प्रवीण, एहसान अली वगैरा मौजूद थे।